आज़ादी की कहानियाँप्रीतिलता वादेदार 0850 ये कहानी है एक ऐसी वीरांगना की जो अपने देश के स्वाभिमान की रक्षा के लिए मात्र 21 साल की उम्र में शहीद हो गयीं. मगर इस शहादत ने अंग्रेजों को लोहे के चने चबवा दिए.