State Council of Educational Research & Training
आज़ादी की कहानियाँ

प्रीतिलता वादेदार

ये कहानी है एक ऐसी वीरांगना की जो अपने देश के स्वाभिमान की रक्षा के लिए मात्र 21 साल की उम्र में शहीद हो गयीं. मगर इस शहादत ने अंग्रेजों को लोहे के चने चबवा दिए.

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